कोटक महिंद्रा बैंक घोटाले में एक और गिरफ्तार
खाते में ट्रांसफर किए थे 60 करोड़, बैंक घोटाले में यह दूसरी गिरफ्तारी

सत्य खबर हरियाणा
Crime News : हरियाणा के पंचकूला में कोटक महिंद्रा बैंक में 160 करोड़ रुपये के घोटाले में एंट्री करप्शन ब्यूरो ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवक के दो खातों से 60 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई थी। पुलिस आज उसे अदालत में पेश करेगी। पंचकूला में एक निजी बैंक में 160 करोड़ रुपये के घोटाले में अब तक दो लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
पंचकूला के सेक्टर 11 में बैंक की शाखा से इस घोटाले को अंजाम दिया गया था। इस घोटाले में पंचकूला नगर निगम की एफडी को ही फर्जी बना दिया गया था। अब इस मामले में आरोपी रजत दहरा, को गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले, बुधवार रात को पुलिस ने बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर राघव को गिरफ्तार किया था, जिसे चार दिन के रिमांड पर भेजा गया है।
आरोपी ने जांच टीम को बताया कि एक खाते से 29 मई 2020 तक और दूसरे खाते से 01 अक्तूबर 2022 से 2025 तक 60 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई थी और फिर उसने यह राशि कई अन्य खातों में स्थानांतरित की, जिनकी जांच की जा रही है।
दरअसल, इस पूरे स्कैम में पंचकूला के एसीबी थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316 (5) (आपराधिक विश्वासघात), 318 (4) (धोखाधड़ी), 336 (3) (जाली दस्तावेज बनाना), 338 (मूल्यवान सुरक्षा, वसीयत आदि की जालसाजी), 340 (जाली और प्रावधान या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (2) और 13 (1) (ए)) के तहत केस दर्ज किया गया है। नगर निगम पंचकूला के पैसे का गबन किया गया था।
क्या है मामला
पंचकूला नगर निगम ने 58 करोड़ और 102 करोड़ की एफडी निजी बैंक में करवाई थी और मैच्योरटी पर रकम वापस मांगी तो बैंक ने पैसा ना होने की बात कही और फिर इस घोटाला का पता चला। गौर रहे कि इससे पहले भी, एक अन्य निजी बैंक में 590 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया था। इसमें भी बैंक के पूर्व कर्मचारियों समेत 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।